Hindi Kahaniyan Acchi Acchi | लड़के की समझदारी | कहानियां

कहानियाँ कई प्रकार की होती है। आज के लेख मैं आप पड़ेंगे, Hindi Kahaniyan Acchi Acchi। जो एक नैतिज कहानी है | नैतिक कहानी जो छोटी होती है। लेकिन बहुत गहरी बात अपने अंदर समेटे रहती है। इस लेख मैं जानेंगे एक "लड़के की समझदारी" यह एक नैतिक कहानी है। जिसमे एक लड़का अपने काम के बारे मैं अपने मालिक से कैसे पता लगाता है। की वह लड़का अच्छा काम कर रहा है या नही।

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लड़के की समझदारी | Hindi Kahaniyan Acchi Acchi

एक दिन की बात है। एक बहुत ही गरीब लड़का काम की तलाश कर रहा था। क्योंकि पेट भरने के लिए अनाज जरूरी था। और अनाज काम करने के बाद ही मिल सकता है। लड़का काम मांगने के लिए बहुत जगह गया, और काम मांगा। लेकिन कम उम्र होने की वजह से किसी ने उसको काम नही दी। तो वह बहुत उदास हो गया। 

उसी समय रास्ते मैं एक वयक्ति गुजर रहा था, तो वह रुककर लड़के के पास गया। और उदासी का कारण पूछा - तो लड़के ने बताया, वह भूखा है और उसे काम नही मिल रहा हैं। उस आदमी ने उसको बिस्कुट दिये खाने के लिए। और एक मैडम के बारे मैं बताया, जो की घर की बागवानी के लिए, एक माली की तलाश कर रही थी।

वह लड़का उस मैडम के घर गया और मैडम से बोला मैडम मुझे किसी ने बताया कि आपको, आपके बागवानी के लिए एक माली की जरूरत है। तो क्या आप हमको काम पर रख सकते हैं। मैडम ने कहा- हां मुझे अपनी बागवानी करने के लिए एक माली की जरूरत है।

अगर तुम कर सकते हो, तो मैं तुम्हें रख रख रख लूंगा। लड़के ने - हां कर दिया, और काम करने लगा। लड़का बहुत मेहनती था, और वह बागवानी का काम बहुत अच्छे तरीके से कर रहा था। एक दिन उनकी मालकिन, मैडम ने उस लड़के को कोई सामान लाने के लिए बाजार भेजा। तो वह लड़का जिस दुकान पर गया था, वहां पर एक टेलीफोन रखा हुआ था। 

दुकान से सामान खरीदने के बाद, वह लड़का दुकानदार से बोला- अगर आपकी आज्ञा हो, तो क्या मैं अपनी मैडम से बात कर सकता हूं। दुकानदार ने बोला हाँ, बात कर लीजिए। लड़के ने अपनी मैडम की नंबर मिलाई और कॉल लगा दिया। कॉल मैडम ने रिसीव की। 

यह सारी बातें दुकानदार बहुत ही शांति से सुन रहा था। मैडम के कॉल रिसीव करने के बाद लड़के ने बोला- मैडम, मैंने एक एडवर्टाइज में देखा कि आपको, आपकी बागवानी के लिए एक लड़के की जरूरत है। तो क्या मैं आपके कार्य के लिए आ सकता हूं। मैडम ने उत्तर दिया- हां, मुझे एक लड़के की तलाश थी, और मैंने उसको काम पर रख लिया है। 

तब लड़के ने बोला- कि उस लड़के को जितना वेतन दे रहे हैं, उस से आधे वेतन में ही, मैं आपका काम बहुत अच्छी तरीके से करूंगा। तो मैडम ने बोला- नहीं, मुझे उसकी काम बहुत पसंद है। और मुझे किसी की जरूरत नहीं है। और फोन मैडम ने कट कर दी।

 लड़का मन ही मन बहुत खुश हुआ। यह देखकर उस दुकानदार ने उस लड़के से बोला- अगर तुम्हें काम की जरूरत है, तो मैं तुम्हें अपने दुकान में रख सकता हूं। तो लड़के ने बोला- नहीं अंकल,,दरअसल उस मैडम के घर काम करने वाला लड़का में ही हूं। मैंने तो फोन मैडम के पास इसलिए लगाई थी, कि मुझे पता चल सके कि वह मेरे काम से संतुष्ट है,या नहीं । दुकानदार लड़के की यह बात सुनकर अवाक रह गया।

Moral of The Stories :-

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है। कि हमें अपने काम की वैल्यू की जानकारी होनी चाहिए। कहीं हम दूसरे के पास टाइम पास तो नहीं कर रहे हैं। या फिर उसको मेरी काम की कोई कदर ही नहीं है। तो ऐसे जगह पर काम करने की कोई मतलब नहीं बनता है।

गुरू की अनमोल सीख | Hindi Kahaniyan Acchi Acchi

एक गुरू अपने शिष्य के साथ कहीं जा रहे थे। चलते-चलते उन्हें प्यास लगी, तो वे दोनों एक खेत के पास जाकर रूक गए। 

खेत की हालत देखकर लगता था। कि खेत का मालिक खेत पर जरा भी ध्यान नहीं देता है, उन्होंने देखा खेत में एक घर भी है। दोनो जा कर दरवाजा खटखटाते है। घर में से एक आदमी उसकी पत्नी और दो बच्चे बाहर आते है, सभी ने फटे पुराने कपड़े पहने हुए होते है। 

इसके बाद गुरु उनसे कहते है,कि क्या हमें पानी मिल सकता है, काफी प्यास लगी हुई है, वो व्यक्ति उन्हें पानी लाकर देता है। फिर गुरु कहते है, आपका खेत इतना अच्छा है, लेकिन इसमे कोई भी फसल क्‍यों नहीं बोई गई?

व्यक्ति कहता है- हमारे पास एक भैंस है, जो काफी दूध देती है, जिसे बेच कर और पी कर हमारा गुजारा हो जाता है। इसलिए बेवजह खेती क्यों करू?

गुरू कहते है-क्या हम आज की रात यहाँ रूक सकते है?
कल सुबह होते ही हम यहाँ से निकल जाएंगे। व्यक्ति कहता है ठीक है, आप यहाँ रूक सकते है। 

आधी रात होते ही गुरु अपने शिष्य से कहते है, उठो हमे अभी के अभी यहाँ से निकलना है। लेकिन जाने से पहले हम इस व्यक्ति की भैंस को पहाड़ से गिरा कर मार देंगे। यह सुनकर शिष्य को काफी बुरा लगा, लेकिन वो अपने गुरु की बात टाल नहीं पाया। वे दोनों रातों रात भैंस को मार कर वहाँ से भाग जाते है। 

दस वर्ष बाद जब शिष्य अपनी शिक्षा पूरी कर लेता है। तब वो सोचता है क्यों न अपनी गलती को सुधारा जाए। उस आदमी के पास वापस जा कर उसकी मदद की जाए। शिष्य उसी गाँव उसी जगह वापस जाता है, और देखता है वहाँ के सारे खेतों में दूर-दूर तक काफी फल लगे हुए है। और वहाँ एक बहुत बड़ा घर भी है,

शिष्य को लगता है, शायद वो आदमी सब कुछ बेच के यहाँ से जा चुका होगा। शिष्य वहाँ से वापस जाने लगता है, तभी वहाँ घर के आगे एक कार आकर रूकती है। कार में से वही व्यक्ति बाहर आता है। जिससे शिष्य दस साल पहले मिला था। 

शिष्य उसके पास जाकर कहता है, आपने मुझे पहचाना मैं दस साल पहले आपसे मिला था। व्यक्ति कहता है, हाँ उस दिन को मैं कैसे भूल सकता हूँ। शिष्य कहता है आप तो बहुत गरीब थे, आखिर आप इतने अमीर कैसे बनें?

व्यक्ति कहता है क्‍या बताऊँ आपके जाने के बाद मेरी भैंस की मौत हो गई। मैं कुछ दिन काफी दुःखी रहा परेशान रहने लगा। लेकिन जीवन जीने के लिए कुछ तो करना ही था। मैं लकड़ियाँ काट कर बेचने लगा। जिससे कुछ पैसे आए, तो मैनें खेत की बुआई कर दी। 

फिर उससे और पैसे आये, तो मैंने सारी जगह खरीद ली। और फलों की बुआई करवा दी, और आज मैं आस-पास के इलाकों में फलों का सबसे बड़ा व्यापारी हूँ। और मेरे पास लाखों रूपये है, अगर उस दिन भैंस की मौत नहीं हुई होती। तो आज मैं इतना सफल नहीं हुआ होता ।

Moral of The Stories :-

दोस्तों,,, इस कहानी से यह साफ पता चलता है, कि जीवन में हर परेशानी आपके लिए एक बड़ा मौका लेकर आती है। अगर अभी आपके जीवन में परेशानी आई है। तो यकीन मानो एक बहुत बड़ी सफलता भी अपने साथ लेकर आई है। यकीन मानिए बुरे वक़्त में आपने हिम्मत नहीं हारी, तो आने वाले समय मे आप बेहद सफल होने वाले है।

दोस्तों,,, उम्मीद करता हूँ आप सभी को यह कहानी बहुत अच्छी लगी होंगी। और आप सभी परेशानियों का सामना डटकर करेंगे। साथ ही आपको यह कहानी लैसी लगी नीचे कमेंट बॉक्स मैं कमेंट जरूर करें। ऐसे ही अच्छी अच्छी कहनियाँ पड़ने के लिए हमारी वेबसाइट Hindistories.World पर जरूर आए।

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