Moral Story In Hindi: एकता का बल हिंदी कहानीयां अच्छी अच्छी

आज मैं लेकर आया हूं, आप लोगों के लिए Moral Story In Hindi, हिंदी कहानीयां अच्छी अच्छी इसको पढ़ने के बाद आप सभी को अच्छे-अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही मुश्किलों से कैसे निकाला जाता है। मुश्किलों को वक्त में देर से काम करके संभालना भी सिखाएगा। तो चलो बिना देरी किए आज की हिंदी कहानीयां अच्छी-अच्छी देखते हैं।

Moral Story In Hindi

एकता का बल - हिंदी कहानीयां अच्छी अच्छी -Moral Story In Hindi

एक समय की बात हैं, कबूतरों का एक दल आसमान में भोजन की तलाश में उडता हुआ जा रहा था। गलती से वह दल भटककर ऐसे प्रदेश के ऊपर से गुजरा, जहां भयंकर अकाल पडा था। कबूतरों का सरदार चिंतित था। कबूतरों के शरीर की शक्ति समाप्त होती जा रही थी। शीघ्र ही कुछ दाना मिलना जरुरी था।

दल का युवा कबूतर सबसे नीचे उड रहा था। भोजन नजर आने पर उसे ही बाकी दल को सुचित करना था। बहुत समय उडने के बाद वह सूखाग्रस्त क्षेत्र से बाहर आया। नीचे हरियाली नजर आने लगी, तो भोजन मिलने की उम्मीद बनी। युवा कबूतर और नीचे उडान भरने लगा। तभी उसे नीचे खेत में बहुत सारा अन्न बिखरा नजर आया “चाचा, नीचे एक खेत में बहुत सारा दाना बिखरा पडा हैं। हम सबका पेट भर जाएगा।’

सरदार ने सूचना पाते ही कबूतरों को नीचे उतरकर खेत में बिखरा दाना चुनने का आदेश दिया। सारा दल नीचे उतरा और दाना चुनने लगा। वास्तव में वह दाना पक्षी पकडने वाले एक बहलिए ने बिखेर रखा था। ऊपर पेड़ पर तना था उसका जाल। जैसे ही कबूतर दल दाना चुगने लगा, जाल उन पर आ गिरा। सारे कबूतर फंस गए।

कबूतरों के सरदार ने माथा पीटा “ओह! यह तो हमें फंसाने के लिए फैलाया गया जाल था। भूख ने मेरी अक्ल पर पर्दा डाल दिया था। मुझे सोचना चाहिए था, कि इतना अन्न बिखरा होने का कोई मतलब हैं। अब पछताए होत क्या, जब चिडिया चुग गई खेत?”

एक कबूतर रोने लगा “हम सब मारे जाएंगे।”

बाकी कबूतर तो हिम्मत हार बैठे थे, पर सरदार गहरी सोच में डूबा था। एकाएक उसने कहा “सुनो, जाल मजबूत हैं, यह ठीक हैं, पर इसमें इतनी भी शक्ति नहीं कि एकता की शक्ति को हरा सके। हम अपनी सारी शक्ति को जोड़े, तो मौत के मुंह में जाने से बच सकते हैं।”

युवा कबूतर फडफडाया “चाचा! साफ-साफ बताओ, तुम क्या कहना चाहते हो। जाल ने हमें जोड़ रखा हैं, शक्ति कैसे जोड़े?”


सरदार बोला “तुम सब चोंच से जाल को पकडो, फिर जब मैं फुर्र कहूं, तो एक साथ जोर लगाकर उडना।”

सबने ऐसा ही किया। तभी जाल बिछाने वाला बहेलियां आता नजर आया। जाल में कबूतर को फंसा देख उसकी आंखें चमकी। हाथ में पकडा डंडा उसने मजबूती से पकडा व जाल की ओर दौडा।

बहेलिया जाल से कुछ ही दूर था, कि कबूतरों का सरदार बोला “फुर्रर्रर्र!”

सारे कबूतर एक साथ जोर लगाकर उडे, तो पूरा जाल हवा में ऊपर उठा और सारे कबूतर जाल को लेकर ही उडने लगे। कबूतरों को जाल सहित उडते देखकर बहेलिया अवाक रह गया। कुछ संभला तो जाल के पीछे दौडने लगा। कबूतर सरदार ने बहेलिए को नीचे जाल के पीछे दौडते पाया। तो उसका इरादा समझ गया।

सरदार भी जानता था, कि अधिक देर तक कबूतर दल के लिए जाल सहित उडते रहना संभव न होगा। पर सरदार के पास इसका उपाय था। निकट ही एक पहाडी पर बिल बनाकर उसका एक चूहा मित्र रहता था। सरदार ने कबूतरों को तेजी से उस पहाडी की ओर उडने का आदेश दिया। पहाडी पर पहुंचते ही सरदार का संकेत पाकर जाल समेत कबूतर, चूहे के बिल के निकट उतरे।

सरदार ने मित्र चूहे को आवाज दी। सरदार ने संक्षेप में चूहे को सारी घटना बताई, और जाल काटकर उन्हें आजाद करने के लिए कहा। कुछ ही देर में चूहे ने वह जाल काट दिया। सरदार ने अपने मित्र चूहे को धन्यवाद दिया और सारा कबूतर दल आकाश की ओर आजादी की उडान भरने लगा।

कहानी की सीख : 

मुश्किल वक्त मैं हमें एकता बना के रखनी चाहिए ,और सभी साथ मिलकर काम करने से बड़ी से बड़ी मुकिल समय मैं भी समस्या को हल कर लेंगे। 

तो दोस्तों कबूतरों के समूहों की है, अच्छी-अच्छी कहानियां आप लोगों को कैसी। लगी नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट जरुर करें। साथ ही अच्छी लगी हो, तो अपने दोस्तों और ग्रुपों में शेयर करें। और उन्हें प्रेरित करें, अच्छे काम करने के लिए, और ऐसे ही मोरल स्टोरी प्रेरित भरी कहानी पढ़ने के लिए हमारे वेबसाइट Hindistories.World पर जरूर आए।

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