अक्लमंद हंस - Sabse Acchi Kahani - सबसे अच्छी कहानी 2023

आज में लेकर आया हूँ, Sabse Acchi Kahani - सबसे अच्छी कहानी, आपलोगो के लिए एक बड़े ही मजेदार और प्रेरणा भरी कहानी क्योंकि गूगल में आपलोगो खोज करते रहते है। अच्छी अच्छी कहानियाँ, अच्छी अच्छी कहानी, प्रेरणा भरी कहानियाँ और बच्चो की कहानियाँ आज की यह कहानी बिल्कुल ऐसे ही प्रेरणा और मजेदार भरी कहानी है, अकलमंद हँस जो कि सारे हंसो में सबसे बुजुर्ग और होशियार था, जिसने अपनी होशियारी के दम पर सभी हंसो को मौत के मुह से बाहर निकाला। तो चला बिना देरी किये कहानी की शुरुआत करते है।

Sabse Acchi Kahani

अक्लमंद हंस - Sabse Acchi Kahani - सबसे अच्छी कहानी

अक्लमंद हंस - सबसे अच्छी कहानी - Sabse Acchi Kahani

एक बहुत बडा विशाल पेड था। उस पर करीब बीस हंस रहते थे। उनमें एक हंस बहुत स्याना,बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी। सब उसका आदर करते ‘ताऊ’ कहकर बुलाते थे।


एक दिन उसने एक नन्ही-सी बेल को पेड के तने पर बहुत नीचे लिपटते पाया। ताऊ ने दूसरे हंसों को बुलाकर कहा “देखो,इस बेल को नष्ट कर दो। एक दिन यह बेल हम सबको मौत के मुंह में ले जाएगी।”


एक युवा हंस हंसते हुए बोला “ताऊ, यह छोटी-सी बेल हमें कैसे मौत के मुंह में ले जाएगी?”


स्याने हंस ने समझाया “आज यह तुम्हें छोटी-सी लग रही हैं। धीरे-धीरे यह पेड के सारे तने को लपेटा मारकर ऊपर तक आएगी। फिर बेल का तना मोटा होने लगेगा और पेड से चिपक जाएगा, तब नीचे से ऊपर तक पेड पर चढने के लिए सीढी बन जाएगी। कोई भी शिकारी सीढी के सहारे चढकर हम तक पहुंच जाएगा और हम मारे जाएंगे।”


दूसरे हंस को यकीन न आया “एक छोटी सी बेल कैसे सीढी बनेगी?”तीसरा हंस बोला “ताऊ, तु तो एक छोटी-सी बेल को खींचकर ज्यादा ही लम्बा कर रहा है।”


एक हंस बडबडाया “यह ताऊ अपनी अक्ल का रौब डालने के लिए अंट-शंट कहानी बना रहा हैं।” इस प्रकार किसी दूसरे हंस ने ताऊ की बात को गंभीरता से नहीं लिया। इतनी दूर तक देख पाने की उनमें अक्ल कहां थी?


समय बीतता रहा। बेल लिपटते-लिपटह्टे ऊपर शाखों तक पहुंच गई। बेल का तना मोटा होना शुरु हुआ और सचमुच ही पेड के तने पर सीढी बन गई। जिस पर आसानी से चढा जा सकता था।


सबको ताऊ की बात की सच्चाई सामने नजर आने लगी। पर अब कुछ नहीं किया जा सकता था, क्योंकि बेल इतनी मजबूत हो गई थी। कि उसे नष्ट करना हंसों के बस की बात नहीं थी।


एक दिन जब सब हंस दाना चुगने बाहर गए हुए थे, तब एक बहेलिआ उधर आ निकला। पेड पर बनी सीढी को देखते ही उसने पेड पर चढकर जाल बिछाया और चला गया।


सांझ को सारे हंस लौट आए पेड पर उतरे तो बहेलिए के जाल में बुरी तरह फंस गए। जब वे जाल में फंस गए और फडफडाने लगे, तब उन्हें ताऊ की बुद्धिमानी और दूरदर्शिता का पता लगा।


सब ताऊ की बात न मानने के लिए लज्जित थे, और अपने आपको कोस रहे थे। ताऊ सबसे नाराज और चुप बैठा था। एक हंस ने हिम्मत करके कहा “ताऊ, हम मूर्ख हैं, लेकिन अब हमसे मुंह मत फेरो।’


दूसरा हंस बोला “इस संकट से निकालने की तरकीब तू ही हमें बता सकता हैं। आगे हम तेरी कोई बात नहीं टालेंगे।” सभी हंसों ने हामी भरी, तब ताऊ ने उन्हें बताया। “मेरी बात ध्यान से सुनो। सुबह जब बहेलिया आएगा, तब मुर्दा होने का नाटक करना।


बहेलिया तुम्हें मुर्दा समझकर जाल से निकाल कर जमीन पर रखता जाएगा। वहां भी मरे समान पडे रहना। जैसे ही वह अन्तिम हंस को नीचे रखेगा, मैं सीटी बजाऊंगा। मेरी सीटी सुनते ही सब उड जाना।”


सुबह बहेलिया आया। हंसो ने वैसा ही किया, जैसा ताऊ ने समझाया था। सचमुच बहेलिया हंसों को मुर्दा समझकर जमीन पर पटकता गया।


अंतिम हंस जमीं पर फेकते ही ताऊ ने सिटी बजा दी। सिटी की आवाज के साथ ही सारे हंस उड गए। बहेलिया अवाक होकर देखता रह गया।

कहानी की सीखः 

अक्लमंद हंस - Sabse Acchi Kahani - सबसे अच्छी कहानी, इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है, कि बुजुर्ग और बुद्धिमानों की सलाह हमेशा गंभीरता से लेनी चाहिए।

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